शिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व वाली व्हाइट हाउस सरकार ने एक नया नियम लागू करने की योजना बनाई है, जिसके तहत अक्टूबर से उन देशों के यात्रियों से “वीजा इंटेग्रिटी फी” के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा, जिनके नागरिक अमेरिकी ESTA वीजा छूट योजना के अंतर्गत नहीं आते। इस नए नियम का बड़ा असर ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के पर्यटकों पर पड़ेगा।
क्या है नया नियम?
अमेरिकी सरकार की ओर से प्रस्तावित इस “One Big Beautiful Bill Act” के तहत अब अमेरिका आने वाले पर्यटकों को केवल वीजा फीस ही नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। खास बात यह है कि यह शुल्क 383 अमेरिकी डॉलर (लगभग 3,2000 रुपये) निर्धारित किया गया है। यह शुल्क मुख्य रूप से उन यात्रियों पर लागू होगा जो अमेरिका में प्रवेश के लिए वीजा आवेदन करते हैं और जिनके लिए वीजा छूट (ESTA) उपलब्ध नहीं है।
क्यों लगाया जा रहा यह शुल्क?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अमेरिका में वीजा प्रक्रिया को और अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है। “वीजा इंटेग्रिटी फी” का उद्देश्य ऐसे यात्रियों की जांच-परख को मजबूत करना है, ताकि अवैध प्रवास या सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सके। यह राशि वीजा प्रक्रिया के दौरान की जाने वाली जांच और प्रशासनिक खर्चों को कवर करेगी।
ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों के लिए क्या असर होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए नियम से ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों सहित उन देशों के लोगों को आर्थिक रूप से अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा। ऑस्ट्रेलिया के लोग सामान्यतः पर्यटक, छात्र या कामकाजी वीजा के लिए अमेरिका जाते हैं, लेकिन अब उन्हें इस अतिरिक्त शुल्क के कारण अमेरिका जाना महंगा पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच यात्रा और व्यापार संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।
ट्रम्प प्रशासन का बड़ा बिल
राष्ट्रपति ट्रम्प ने 4 जुलाई को एक समारोह के दौरान “One Big Beautiful Bill Act” पर हस्ताक्षर किए, जो अमेरिकी वीजा नीति में बड़े बदलाव लेकर आया है। यह बिल न केवल यात्रा शुल्क में वृद्धि करता है, बल्कि अमेरिका के प्रवेश नियमों को भी और कड़े करता है। प्रशासन का दावा है कि इससे अमेरिकी सुरक्षा और आर्थिक हितों की बेहतर रक्षा होगी।