अमेरिका: वेनेजुएला पर नरमी, ग्रीनलैंड व नाटो पर सख्त रुख

ट्रंप सरकार 2.0 के एक साल पूरे, राष्ट्रपति ने गिनाईं उपलब्धियां

अमेरिका: वेनेजुएला पर नरमी, ग्रीनलैंड व नाटो पर सख्त रुख

वॉशिंगटन डीसी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ के अवसर पर विदेश और सुरक्षा नीति को लेकर कई अहम संकेत दिए। इस दौरान उन्होंने वेनेजुएला के प्रति बदले हुए रुख, टैरिफ नीति, वैश्विक संघर्षों और ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप से बढ़ते तनाव पर खुलकर बात की। ट्रंप ने बीते एक वर्ष को “अद्भुत” बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने रिकॉर्ड स्तर पर काम किया है।

वेनेजुएला पर बदला अमेरिकी रुख

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला अब अमेरिका के साथ सहयोग कर रहा है। उन्होंने बताया कि पहले वेनेजुएला द्वारा अपराधियों को अमेरिका भेजे जाने के कारण उनका रुख सख्त था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
ट्रंप के अनुसार, वेनेजुएला में तेल निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं और अमेरिकी तेल कंपनियां वहां बड़े पैमाने पर निवेश की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की भी सराहना करते हुए कहा कि हाल के दिनों में उन्होंने “अविश्वसनीय काम” किया है।

पहले साल की उपलब्धियों का दावा

दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने सैन्य, सुरक्षा और कूटनीतिक मोर्चों पर अभूतपूर्व कार्य किया है। उन्होंने दावा किया कि बीते 10 महीनों में आठ ऐसे युद्धों को रोका गया, जिन्हें समाप्त करना असंभव माना जा रहा था।
ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश परमाणु संघर्ष की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन अमेरिकी हस्तक्षेप से स्थिति संभली।

टैरिफ और राष्ट्रीय सुरक्षा

आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर ट्रंप ने कहा कि इससे अमेरिका को सैकड़ों अरब डॉलर की आय हुई है और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत हुई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों को लेकर उन्होंने अनिश्चितता भी जताई और कहा कि यदि सरकार को फैसला हारना पड़ा तो राशि लौटाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ईरान और आतंकवाद पर सख्त रुख

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह निष्क्रिय किया है। उन्होंने कासिम सुलेमानी और आईएसआईएस प्रमुख अल-बगदादी को मार गिराने को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।

ग्रीनलैंड और यूरोप से तनाव

ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों की आपात बैठक के प्रस्ताव पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह इसमें शामिल नहीं होंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह लंबे समय तक सत्ता में नहीं रहेंगे।
ग्रीनलैंड और नाटो को लेकर ट्रंप का सख्त रुख अमेरिका-यूरोप संबंधों में नई तल्खी के संकेत दे रहा है।