कीव पर रूस के अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा है कि रूस को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई और सरकारी दफ्तरों में आग लग गई।
राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे रूस पर “दूसरे चरण” के प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने विस्तार से जानकारी नहीं दी।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि वाशिंगटन उन देशों पर भी टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है जो रूस का तेल खरीदते हैं। उन्होंने कहा, “रूसी अर्थव्यवस्था पूरी तरह ढह जाएगी और यही राष्ट्रपति पुतिन को वार्ता की मेज पर लाने का रास्ता बनेगा।”
पिछले महीने अलास्का में हुई ट्रंप-पुतिन मुलाकात से पहले ही ट्रंप ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी थी। यह कदम रूस की तेल आय पर सीधा असर डालने के लिए है, जो उसके लिए युद्धकालीन सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है।
मुलाकात के बाद ट्रंप ने शांति वार्ता की उम्मीद जताई थी, लेकिन रूस ने हमले तेज कर दिए। 15 अगस्त को अलास्का बैठक के बाद से ही रूस लगातार यूक्रेन पर हमला कर रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रविवार को हुए हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि रूस का यह कदम युद्ध को और लंबा खींचेगा। पेरिस में हाल ही में हुई “कोएलिशन ऑफ द विलिंग” शिखर बैठक के बाद ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से और अधिक समर्थन की अपील की थी।
अब नजर इस बात पर है कि अमेरिका रूस पर नए प्रतिबंध कितनी जल्दी लागू करता है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालकर ही पुतिन को पीछे हटने पर मजबूर किया जा सकता है। लेकिन हालात यह संकेत दे रहे हैं कि युद्ध फिलहाल थमने वाला नहीं है।