हरारे। अंडर-19 वनडे विश्व कप 2026 के फाइनल में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में वैभव ने विस्फोटक शतक जड़ते हुए न सिर्फ कई रिकॉर्ड ध्वस्त किए, बल्कि भारतीय पारी को भी मजबूत आधार प्रदान किया।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे फाइनल में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया। पारी की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही और चौथे ओवर में एरॉन जॉर्ज (9) के रूप में भारत को पहला झटका लगा। इसके बाद क्रीज पर आए वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान म्हात्रे के साथ मिलकर मैच की दिशा ही बदल दी।
दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए आक्रामक अंदाज में 90 गेंदों पर 142 रन की साझेदारी की। कप्तान आयुष म्हात्रे 51 गेंदों में 53 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन वैभव का तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा था। उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए।
महज 14 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने 55 गेंदों में शतक पूरा किया और अंडर-19 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक जड़ दिया। वह केवल ऑस्ट्रेलिया के विल मलाजचुक (51 गेंद) से पीछे रह गए। वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे।
इस पारी के साथ ही वैभव ने अंडर-19 विश्व कप में एक पारी में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने डेवाल्ड ब्रेविस और माइकल हिल जैसे दिग्गजों के पुराने रिकॉर्ड तोड़े। इतना ही नहीं, वह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भारत की ओर से शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज भी बने।
वैभव सूर्यवंशी का 175 रन का स्कोर अब अंडर-19 विश्व कप फाइनल इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। इससे पहले भारत के लिए यह कारनामा उन्मुक्त चंद (2012) और मंजोत कालरा (2018) ने किया था, लेकिन वैभव ने इन दोनों को पीछे छोड़ दिया।
वैभव की इस ऐतिहासिक पारी ने न केवल दर्शकों को रोमांचित किया, बल्कि भारतीय ड्रेसिंग रूम में भी जबरदस्त आत्मविश्वास भर दिया। युवा भारतीय टीम इस दमदार प्रदर्शन के साथ छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब जीतने की ओर मजबूती से बढ़ती नजर आई।