विक्टोरिया में कर्मचारियों को मिलेगा सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम का कानूनी अधिकार

विक्टोरिया में कर्मचारियों को मिलेगा सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम का कानूनी अधिकार

विक्टोरिया में जल्द ही कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने का कानूनी अधिकार मिल सकता है। यह ऐतिहासिक कदम विक्टोरिया की प्रीमियर जैसिंटा एलन की ओर से प्रस्तावित एक नई योजना के तहत उठाया जा रहा है, जो अगले साल से लागू हो सकती है।

यह कानून न केवल सरकारी कर्मचारियों, बल्कि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों पर भी लागू होगा—बशर्ते उनका काम "तर्कसंगत रूप से" घर से किया जा सकता हो।

प्रीमियर एलन ने राज्य की वार्षिक लेबर कॉन्फ्रेंस में कहा, “वर्क फ्रॉम होम न सिर्फ परिवारों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छा है। हर दिन यूनियनों को ऐसे कर्मचारियों से शिकायतें मिल रही हैं, जिनकी घर से काम करने की वाजिब मांग को ठुकरा दिया गया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में कुछ राजनीतिक ताकतें वर्क फ्रॉम होम को खत्म कर लोगों को फिर से पुराने दौर में धकेलना चाहती हैं, लेकिन उनकी सरकार आधुनिक कामकाज की इस प्रणाली को कानून का रूप देगी।

क्या होगा इस कानून में खास?

  • कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम का अधिकार मिलेगा।

  • यह अधिकार सभी योग्य कर्मचारियों पर लागू होगा—सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में।

  • इसका उद्देश्य परिवारों को सहयोग देना, विशेष रूप से महिलाओं, देखभालकर्ताओं और दिव्यांगजनों को।

एलन ने बताया कि इससे औसतन $110 (लगभग ₹8200) प्रति सप्ताह की बचत होगी, जो सालाना लगभग $5308 (₹4 लाख से अधिक) बैठती है।

प्रीमियर ने यह भी कहा, “वर्क फ्रॉम होम की बदौलत वर्कफोर्स में भागीदारी महामारी से पहले की तुलना में 4.4% अधिक है।”

कब आएगा कानून?
इस कानून का प्रारूप इस वर्ष के अंत में संसद में पेश किया जाएगा। हालांकि, इस पर सार्वजनिक परामर्श होगा, लेकिन एलन ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ व्यावहारिक पक्षों को समझने के लिए होगा, निर्णय पहले ही लिया जा चुका है कि कानून आना ही चाहिए।

यह प्रस्ताव उस समय आया है जब पूरे ऑस्ट्रेलिया में वर्क फ्रॉम होम नीति को लेकर बहस तेज है। हाल ही में विपक्षी नेता पीटर डटन को भी एक प्रस्ताव वापस लेना पड़ा था, जिसमें पब्लिक सर्वेंट्स के लिए वर्क फ्रॉम होम सीमित करने की बात कही गई थी—इस पर जबरदस्त जनविरोध हुआ।