उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका में हिंसा, हालात तनावपूर्ण

उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका में हिंसा, हालात तनावपूर्ण

ढाका।
बांग्लादेश के युवा नेता और इंकिलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी की मौत के बाद राजधानी ढाका में हालात गंभीर और तनावपूर्ण हो गए हैं। हादी की हत्या के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए, जिससे कई इलाकों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

ढाका विश्वविद्यालय, शाहबाग चौराहा और आसपास के क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए हादी के हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग की। ‘तुम कौन, हम कौन—हादी, हादी’ जैसे नारों से राजधानी गूंज उठी। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।

मीडिया संस्थानों को बनाया गया निशाना

प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने ढाका के करवान बाजार स्थित प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डेली स्टार के कार्यालय पर हमला कर दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्यालय में फंसे 25 पत्रकारों को करीब चार घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। इससे पहले प्रथम आलो अखबार के दफ्तर में भी तोड़फोड़ कर आगजनी की गई। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी इन अखबारों को भारत समर्थक मान रहे थे।

शाहबाग में धरना, यातायात आंशिक रूप से प्रभावित

ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन सहित कई छात्र संगठनों ने शाहबाग में धरना-प्रदर्शन किया। राजू मेमोरियल मूर्ति के पास बड़ी संख्या में लोग जुटे। एहतियातन सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए, हालांकि कुछ इलाकों में यातायात सामान्य बना रहा। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।

अंतरिम सरकार की प्रतिक्रिया

अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने उस्मान हादी को लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थक बताते हुए कहा कि डर और हिंसा के जरिए देश की लोकतांत्रिक प्रगति को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने शनिवार को एक दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की।

अंतरराष्ट्रीय चिंता

हिंसा और आगजनी की तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी सामने आई हैं, जिससे चुनाव की तैयारी में जुटे बांग्लादेश की आंतरिक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।