ऑस्ट्रेलिया में विटामिन्स और सप्लीमेंट्स का चलन

लोकप्रियता, विशेषज्ञों की राय और उपभोक्ताओं के लिए सबक बाजार का रुझान

ऑस्ट्रेलिया में विटामिन्स और सप्लीमेंट्स का चलन

ऑस्ट्रेलिया में विटामिन और सप्लीमेंट्स का बाज़ार लगातार बढ़ रहा है। हर तीसरा व्यक्ति किसी न किसी प्रकार का पोषण पूरक (dietary supplement) ले रहा है। मल्टीविटामिन्स, विटामिन D, फिश ऑयल (ओमेगा-3), कैल्शियम + विटामिन D और ग्लूकोसामाइन सबसे अधिक बिकने वाले उत्पादों में शामिल हैं।
लोगों का मानना है कि ये उत्पाद “प्राकृतिक” हैं, इसलिए सुरक्षित भी होंगे। लेकिन विशेषज्ञ इस धारणा को भ्रम बताते हैं।


विशेषज्ञों का मत: लाभ से अधिक खतरे?

1. “प्राकृतिक” हमेशा सुरक्षित नहीं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लीमेंट्स भी दवाओं की तरह शरीर पर असर डालते हैं।

  • विटामिन A की अधिक खुराक से जिगर पर असर और हड्डियों की समस्या हो सकती है।

  • विटामिन D का अत्यधिक सेवन रक्त में कैल्शियम बढ़ा देता है, जिससे थकान और गुर्दे की परेशानी हो सकती है।

  • विटामिन C ज़्यादा लेने से पथरी का खतरा बढ़ जाता है।

  • कैल्शियम अधिक मात्रा में लेने से गुर्दे और हड्डियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

2. दवा और सप्लीमेंट का टकराव

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि कई बार सप्लीमेंट्स उन दवाओं के असर को कम या ज़्यादा कर देते हैं, जिन्हें मरीज पहले से ले रहा हो।
उदाहरण: कैल्शियम आयरन और ज़िंक जैसे खनिजों के अवशोषण को रोक सकता है।

3. केवल ज़रूरत पर ही असरदार

सप्लीमेंट्स तब कारगर होते हैं जब किसी व्यक्ति को विशेष कमी हो।

  • गर्भवती महिलाओं के लिए फॉलिक एसिड और आयरन आवश्यक हो सकता है।

  • बुजुर्गों और धूप कम मिलने वाले लोगों के लिए विटामिन D।

  • एनीमिया वाले मरीजों को आयरन की खुराक।
    लेकिन स्वस्थ लोगों के लिए “सुरक्षा हेतु रोज़ विटामिन लेना” ज़रूरी नहीं।


नियमन और नियम

ऑस्ट्रेलिया में इन उत्पादों पर निगरानी का काम TGA (Therapeutic Goods Administration) करती है।

  • अधिकतर सप्लीमेंट्स “listed medicines” श्रेणी में आते हैं। इसका मतलब है कि उनकी सुरक्षा पर तो नज़र रखी जाती है, लेकिन हर उत्पाद की प्रभावशीलता पहले से साबित नहीं होती।

  • उपभोक्ताओं के लिए यह ज़रूरी है कि वे बोतल पर AUST L या AUST R नंबर देखें। यह संकेत देता है कि उत्पाद पंजीकृत है।

  • यदि कोई उत्पाद झूठे दावे करता है या हानिकारक पाया जाता है, तो TGA उसे बाज़ार से हटाने का आदेश दे सकती है।


आम उपभोक्ताओं के लिए संदेश

  1. संतुलित आहार ही सबसे अच्छा विकल्प है। ताज़ा फल, सब्जियाँ, अनाज और दालें शरीर को अधिकांश पोषण दे देती हैं।

  2. बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट न लें। खासकर अगर आप पहले से दवा खा रहे हों।

  3. खुराक पर ध्यान दें। “ज़्यादा लेना ज़्यादा फ़ायदा” की सोच खतरनाक हो सकती है।

  4. लेबल और ब्रांड जाँचें। केवल वही उत्पाद चुनें जो TGA में पंजीकृत हों।

  5. दुष्प्रभाव होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें और संबंधित प्राधिकरण को रिपोर्ट करें।