अमेरिका का दबाव: "अगर वे कर सकते हैं तो ऑस्ट्रेलिया क्यों नहीं?" – व्हाइट हाउस ने की रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग

अमेरिका का दबाव: "अगर वे कर सकते हैं तो ऑस्ट्रेलिया क्यों नहीं?" – व्हाइट हाउस ने की रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग

वॉशिंगटन/कैनबरा, 27 जून 2025:
अमेरिका ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपने सहयोगियों, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया, पर रक्षा खर्च बढ़ाने का दबाव और तेज कर दिया है। व्हाइट हाउस की ओर से दिए गए एक बयान में कहा गया कि अगर नाटो देशों ने अपने रक्षा बजट को बढ़ाया है, तो ऑस्ट्रेलिया को भी यही करना चाहिए।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री सेनटर पैनी वोंग वॉशिंगटन के लिए रवाना हो रही हैं, जहां वे क्वाड (QUAD) देशों – अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया – के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगी। इस दौरान उनकी मुलाकात अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो और अन्य देशों के विदेश मंत्रियों से होगी।

व्हाइट हाउस के रक्षा प्रवक्ता ने कहा, “हम यह नहीं कह रहे कि ऑस्ट्रेलिया को अमेरिका जितना खर्च करना चाहिए, लेकिन जब नाटो सदस्य अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का कम से कम 2% रक्षा क्षेत्र में खर्च कर सकते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की यह मांग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव और सुरक्षा खतरों को देखते हुए की जा रही है।

क्वाड वार्ता में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच इंडो-पैसिफिक में रणनीतिक सहयोग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, और रक्षा उत्पादन जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

इस मुद्दे पर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि “हमने अपने रक्षा बजट में वृद्धि की है और भविष्य के लिए ठोस योजना बनाई है। लेकिन हम किसी भी निर्णय को अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लेंगे।”

यह बैठक अमेरिका के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और इंडो-पैसिफिक में चीन से मुकाबले की साझा रणनीति के लिए अहम मानी जा रही है।