ब्रिस्बेन। ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में एक दिव्यांग महिला की हंग्री जैक्स का “यम्बो” बर्गर खाने के बाद दम घुटने से मौत हो गई। यह मामला कोरोनियल जांच में सामने आया है। मृतका की पहचान 42 वर्षीय ब्रिडी गिलिगन के रूप में हुई है, जो बौद्धिक विकलांगता से पीड़ित थीं।
जांच में बताया गया कि ब्रिडी गिलिगन को पहले से ही भोजन के दौरान दम घुटने का खतरा रहता था और उन्हें केवल नरम भोजन दिए जाने के निर्देश थे। वह कॉर्नेलिया डी लैंगे सिंड्रोम से पीड़ित थीं और उन्हें हर समय निगरानी की आवश्यकता थी।
29 अप्रैल को एक सपोर्ट वर्कर उनके आवास पर आई थीं, जो एंडेवर फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराया गया था। सपोर्ट वर्कर ने हंग्री जैक्स से दो यम्बो बर्गर खरीदे—एक अपने लिए और एक ब्रिडी के लिए। उनका कहना है कि वह ब्रिडी का बर्गर छोटे टुकड़ों में काटने वाली थीं, लेकिन इससे पहले ही ब्रिडी बर्गर लेकर बाहर भाग गईं।
बर्गर खाने के दौरान उनका दम घुट गया, जिससे वह बेहोश हो गईं। तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई।
ब्रिडी के परिवार ने सवाल उठाया कि उनकी बेटी को बर्गर देना क्या उचित था, जबकि उन्हें केवल नरम भोजन की अनुमति थी। उनकी मां ने पुलिस को बताया कि ब्रिडी को भोजन के समय पूरी निगरानी में रखा जाना जरूरी था।
इस मामले की जांच वर्क हेल्थ एंड सेफ्टी प्रॉसिक्यूटर कार्यालय ने भी की, लेकिन उन्होंने एंडेवर फाउंडेशन या सपोर्ट वर्कर के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत न होने की बात कही।
डिप्टी स्टेट कोरोनर स्टेफनी गैलाघर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह मौत रोकी जा सकती थी, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि सपोर्ट वर्कर ने परिस्थिति में उचित कदम उठाए। उन्होंने कहा कि ब्रिडी नए सपोर्ट वर्करों के साथ तालमेल नहीं बिठा पाती थीं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।
यह घटना दिव्यांग व्यक्तियों की देखभाल में विशेष सावधानी और स्पष्ट दिशानिर्देशों के पालन की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।