कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया में जनरल प्रैक्टिशनर (GP) डॉक्टरों की बढ़ती कमी को देखते हुए संघीय सरकार ने मेडिकल शिक्षा में 50 नई सरकारी-वित्तपोषित सीटें शुरू करने की घोषणा की है। सरकार का उद्देश्य आने वाले वर्षों में देश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और डॉक्टरों की कमी को कम करना है।
सरकार के अनुसार इन नई सीटों के लिए देश की सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालय आवेदन कर सकेंगी। विश्वविद्यालयों से आवेदन मंगलवार से शुरू होंगे और अंतिम तिथि 7 अप्रैल तय की गई है। चयनित सीटों पर पढ़ाई वर्ष 2028 से शुरू होने की संभावना है। इस योजना के लिए सरकार ने लगभग 5.7 मिलियन डॉलर (करीब 57 लाख डॉलर) का फंड निर्धारित किया है।
शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर ने कहा कि देश में डॉक्टरों, खासकर जीपी की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा युवा मेडिकल क्षेत्र में आएं। इसलिए मेडिकल स्कूलों में अतिरिक्त सीटें दी जा रही हैं ताकि भविष्य में डॉक्टरों की कमी न हो।”
सरकार का दावा है कि वर्तमान लेबर सरकार ने मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाने के मामले में पिछले लिबरल सरकार की तुलना में कम समय में तीन गुना अधिक नए स्थान उपलब्ध कराए हैं।
इस साल की शुरुआत में भी देश के 10 विश्वविद्यालयों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर केंद्रित 100 नई मेडिकल सीटें शुरू की गई थीं।
एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ऑस्ट्रेलिया में जीपी डॉक्टरों की कमी 2028 तक लगभग 2600 और 2048 तक बढ़कर करीब 8600 तक पहुंच सकती है।
हालांकि सरकार का कहना है कि जीपी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नामांकन बढ़ रहा है और 2026 में 2100 से अधिक नए रजिस्ट्रार प्रशिक्षण शुरू करेंगे, जो अब तक का सबसे बड़ा बैच होगा।
इसके अलावा सरकार ने मेडिकेयर प्रणाली को मजबूत करने और देश में डॉक्टरों व नर्सों को प्रशिक्षित करने के लिए 617 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त निवेश भी किया है।