मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित फॉर्मूला-1 ऑस्ट्रेलियन ग्रां प्री को लेकर एक नई रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार इस अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट आयोजन को जारी रखने के लिए अगले दस वर्षों में करदाताओं को लगभग 1.7 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का खर्च उठाना पड़ सकता है।
विक्टोरियन पार्लियामेंटरी बजट ऑफिस (PBO) द्वारा तैयार इस विश्लेषण में बताया गया है कि यदि सरकार इस आयोजन को वित्तीय सहायता देना बंद कर दे, तो वर्ष 2025-26 से 2035-36 के बीच राज्य को लगभग 1.7 अरब डॉलर की बचत हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में आयोजित ऑस्ट्रेलियन ग्रां प्री पर कुल 242.9 मिलियन डॉलर खर्च हुए, जबकि टिकट बिक्री और अन्य स्रोतों से केवल 140.6 मिलियन डॉलर की आय हुई। इस तरह सरकार को आयोजन को चलाने के लिए लगभग 102 मिलियन डॉलर से अधिक की सब्सिडी देनी पड़ी। पिछले तीन वर्षों से यह सब्सिडी लगातार 100 मिलियन डॉलर से ऊपर रही है।
इस कार्यक्रम का संचालन सरकार के स्वामित्व वाली संस्था ऑस्ट्रेलियन ग्रां प्री कॉर्पोरेशन (AGPC) करती है, जो अमेरिकी अधिकार धारक कंपनी लिबर्टी मीडिया के साथ अनुबंध के तहत इस रेस का आयोजन करती है।
साल 2022 में तत्कालीन प्रीमियर डेनियल एंड्रयूज़ की सरकार ने लिबर्टी मीडिया के साथ एक नया समझौता किया था, जिसके तहत मेलबर्न में फॉर्मूला-1 रेस 2037 तक आयोजित की जाएगी। इस समझौते की शर्तें गोपनीय रखी गई हैं।
लिबर्टेरियन पार्टी के सांसद डेविड लिम्ब्रिक ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकार का पैसा इस तरह के आयोजनों पर खर्च करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि “मैं मोटर रेसिंग के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन करदाताओं के पैसों से कॉर्पोरेट कंपनियों को लाभ पहुंचाना गलत है।”
हालांकि, राज्य सरकार इस आयोजन को आर्थिक रूप से लाभकारी बताती है। पर्यटन, खेल और प्रमुख कार्यक्रम मंत्री स्टीव डिमोपोलोस के अनुसार, ऑस्ट्रेलियन ग्रां प्री हर साल 4.6 लाख से अधिक दर्शकों को आकर्षित करता है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में करीब 320 मिलियन डॉलर का योगदान होता है।
सरकार का कहना है कि यह आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि मेलबर्न को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिलाता है।
विक्टोरिया सरकार की बढ़ती वित्तीय चुनौतियों के बीच यह रिपोर्ट एक नई बहस को जन्म दे सकती है कि क्या राज्य को इस महंगे लेकिन प्रतिष्ठित खेल आयोजन को जारी रखना चाहिए या नहीं।