हवाई सफर में दुर्व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी, 30 दिन तक उड़ान प्रतिबंध का प्रस्ताव

डीजीसीए ने जारी किया नया मसौदा; 16 मार्च तक मांगे सुझाव, एयरलाइंस को दिए जाएंगे सख्त अधिकार

हवाई सफर में दुर्व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी, 30 दिन तक उड़ान प्रतिबंध का प्रस्ताव

नई दिल्ली, 19 फरवरी।
हवाई यात्राओं के दौरान बढ़ती अभद्रता और अनुशासनहीनता की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। नियामक संस्था ने नए नियमों का मसौदा जारी किया है, जिसमें एयरलाइंस को उपद्रवी यात्रियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई का अधिकार देने का प्रस्ताव रखा गया है।

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री उड़ान के दौरान अभद्र व्यवहार करता है या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता है, तो संबंधित एयरलाइन उसे सीधे 30 दिनों तक अपनी उड़ानों में यात्रा करने से प्रतिबंधित कर सकेगी। इस कदम का उद्देश्य विमान, यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उड़ान के भीतर अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखना है।

डीजीसीए ने अपने मसौदे में स्पष्ट किया है कि विमानन क्षेत्र में ‘नो टॉलरेंस’ या ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। इसके तहत किसी भी प्रकार की बदसलूकी, धमकी, मारपीट या क्रू सदस्यों के निर्देशों की अवहेलना को गंभीर अपराध माना जाएगा।

नियामक संस्था ने इन प्रस्तावित नियमों पर सभी हितधारकों—एयरलाइंस, पायलट संघों, क्रू संगठनों और यात्रियों—से 16 मार्च तक सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम नियम जारी किए जाएंगे।

पिछले कुछ समय में विमानों में यात्रियों द्वारा क्रू से बदसलूकी, नशे की हालत में हंगामा और सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने न केवल अन्य यात्रियों की असुविधा बढ़ाई, बल्कि उड़ान सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए।

विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त नियमों से ऐसी घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों में अनुशासन की भावना मजबूत होगी। वहीं, एयरलाइंस को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने से निर्णय लेने में आसानी होगी।

यदि ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो हवाई यात्रा के दौरान अनुशासनहीनता करने वाले यात्रियों को तत्काल और कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।