तेहरान/कैनबरा, 20 मार्च — मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने ऑस्ट्रेलिया को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया ने “आक्रामक पक्ष का साथ देने का फैसला किया है” और क्षेत्र में उसकी सैन्य मौजूदगी को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाएई ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनका देश किसी भी “रक्षात्मक या आक्रामक कार्रवाई” में अंतर नहीं करेगा, यदि वह ईरान के खिलाफ हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि फारस की खाड़ी में तैनात ऑस्ट्रेलियाई सैन्य संसाधन भी संभावित लक्ष्यों में शामिल हो सकते हैं।
यह बयान उस समय आया है जब ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक सैन्य टोही विमान, दर्जनों कर्मियों और रक्षात्मक मिसाइल प्रणालियों की तैनाती की घोषणा की थी। यूएई ने ईरानी हमलों से सुरक्षा के लिए सहायता का अनुरोध किया था।
बग़ाएई ने कहा, “हमारे खिलाफ किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई, चाहे उसे रक्षात्मक कहा जाए या नहीं, हमारे लिए आक्रामकता का हिस्सा है। ऐसे में हम आत्मरक्षा का अधिकार रखते हैं।”
इस बीच, ईरान ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा ईरानी महिला फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों को शरण देने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई है। हाल ही में एशियाई कप से बाहर होने के बाद टीम की दो खिलाड़ी—फातेमेह पसंदीदेह और अतेफेह रमेज़ानिसादेह—ऑस्ट्रेलिया में ही रुक गईं, जबकि कुछ अन्य खिलाड़ियों ने प्रारंभिक अनुरोध के बाद शरण लेने का विचार बदल दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से ऑस्ट्रेलिया और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र पहले से ही अस्थिर स्थिति में है।