ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब इजरायल ने शहर के कई ईंधन भंडारण केंद्रों (फ्यूल डिपो) को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। इन हमलों के बाद कई जगहों पर जोरदार धमाके हुए और तेल डिपो में भीषण आग लग गई, जिससे आसमान में काले धुएं के घने गुबार छा गए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस घटना में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है।
इजरायली सेना ने एक बयान जारी कर पुष्टि की कि उसकी वायुसेना ने तेहरान और उसके आसपास स्थित ईंधन भंडारण स्थलों पर सटीक हवाई हमले किए। इजरायल का दावा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ईरानी सेना द्वारा किया जा रहा था और हमले का उद्देश्य उनकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था।
हमलों के बाद तेहरान के कई तेल डिपो में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकल विभाग और राहत दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई स्थानों पर ऊंची-ऊंची लपटें और घने धुएं के गुबार दिखाई दे रहे हैं।
ईरानी अधिकारियों ने धमाकों और आग लगने की पुष्टि की है, हालांकि उनका कहना है कि देश के मुख्य ईंधन भंडार सुरक्षित हैं और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है। अधिकारियों के मुताबिक मृतकों में दो तेल टैंकर चालक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इस बीच ईरानी रेड क्रिसेंट ने घटना के बाद तेहरान में एसिड रेन की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार तेल डिपो में हुए धमाकों से हवा में जहरीले हाइड्रोकार्बन, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसों की मात्रा बढ़ गई है, जिससे वातावरण प्रदूषित हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो इसका असर आसपास के इलाकों की हवा और मौसम पर भी पड़ सकता है। वहीं इस हमले के बाद पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।